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Himachal election: टिकटों की पहली सूची के साथ कांग्रेस की अग्नि परीक्षा शुरू, 22 सीटों पर फंसा पेच

अनिमेष कौशल, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 19 Oct 2022 12:11 PM IST

सार

 विधानसभा चुनावों के लिए 22 सीटों पर प्रत्याशियों को चुनना कांग्रेस के लिए गले की फांस बन गया है। कुछ सीटों पर कांग्रेस ने भाजपा के मजबूत नेताओं का इंतजार करने के लिए सीटों को होल्ड कर दिया है।
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कांग्रेस चुनाव कमेटी की बैठक(फाइल) - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों की अधिसूचना जारी होने के दो दिन बाद मंगलवार देर रात को कांग्रेस ने 46 सीटों पर प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। 22 सीटें अभी भी पार्टी के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। जिन सीटों पर टिकट घोषित कर दिए हैं, उनमें भी पार्टी की अग्निपरीक्षा शुरू हो गई है। कुछ सीटों पर कांग्रेस ने भाजपा के मजबूत नेताओं का इंतजार करने के लिए सीटों को होल्ड कर दिया है। मंगलवार देर रात तक कांग्रेस की विशेष कमेटी ने इन सीटों पर मंथन किया। अब बुधवार सुबह दोबारा बैठक बुलाई गई है। संभावित है कि आज दोपहर तक कांग्रेस 22 सीटों के लिए प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर देगी।



22 सीटों पर प्रत्याशियों के चयन पर पेच रात भर मंथन, फिर भी नहीं बनी सहमति
अनिमेष कौशल, शिमला। विधानसभा चुनावों के लिए 22 सीटों पर प्रत्याशियों को चुनना कांग्रेस के लिए गले की फांस बन गया है। पार्टी हाईकमान की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने मंगलवार रात भर इन सीटों पर मंथन किया लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। बुधवार सुबह दोबारा से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला और पूर्व केंद्रीय मंत्री दीपादास मुंशी इन सीटों पर प्रत्याशी तय करने के लिए बैठक करेंगे। कांग्रेस के लिए शिमला शहर की सीट सबसे सिरदर्दी वाली बन गई है। यहां से हरीश जनारथा, नरेश चौहान और महेश्वर चौहान के नामों पर मंथन जारी है। जनारथा ने 2017 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था। यह प्रतिभा सिंह गुट से हैं। नरेश चौहान पार्टी के मीडिया प्रभारी और सुक्खू गुट से है। महेश्वर चौहान पूर्व पार्षद रहे हैं और मुकेश के समर्थक हैं।



शिमला सीट को लगातार तीन चुनावों से पार्टी हार रही है। किन्नौर से विधायक जगत सिंह नेगी को पार्टी ने पहली सूची में प्रत्याशी नहीं बनाया है। यहां से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी टिकट के लिए हाईकमान के पास लाबिंग में जुटे हैं। नालागढ़ से विधायक लखविंद्र सिंह राणा कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा में अभी तक इनकी टिकट पक्की नहीं हुई है। यहां से इंटक के प्रदेश अध्यक्ष बावा हरदीप कांग्रेस से टिकट की दौड़ में शामिल हैं। बिलासपुर से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के खिलाफ कई स्थानीय नेताओं ने मोर्चा खोला हुआ है। हमीरपुर से पूर्व विधायक अनीता वर्मा और सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समर्थक सुनील कुमार बिट्टू के बीच टिकट लेने की जंग जारी है। 

सरकाघाट में युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यदोपति ठाकुर ने पूर्व मंत्री रंगीलाराम राव और पवन ठाकुर के रास्ते में कांटे बिछाए हुए हैं। यदोपति युवा कांग्रेस के कोटे से टिकट की वकालत प्रतिभा सिंह के माध्यम से कर रहे हैं। कांगड़ा से भी पार्टी टिकट तय करने में सहज नहीं है। विधायक पवन काजल के भाजपा में जाने के बाद पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू ने भाजपा से कांग्रेस में वापसी की है। काजल की टिकट भी अभी भाजपा में फंसी है। ऐसे में कांग्रेस ने यहां अभी टिकट तय नहीं की है। गगरेट में कांग्रेस का एक धड़ा पूर्व विधायक राकेश कालिया की जगह जिला परिषद सदस्य चैतन्य शर्मा को टिकट देने की पैरवी कर रहा है। 

चैतन्य काफी लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय है। चिंतपूर्णी से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार की टिकट भी अधर में फंसी है। यहां से सुदर्शन बबलू के नाम पर भी चर्चा जारी है। भरमौर से पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी की राह में युवा कांग्रेस नेता सुरजीत भरमौरी की दावेदारी खड़ी है। जयसिंहपुर से पूर्व विधायक यादवेंद्र गोमा, पांवटा साहिब से किरनेश जंग, करसोग से मनसा राम की टिकट को लेकर भी मामला फंसा है। इसके अलावा नाचन, आनी, जोगिंद्रनगर, धर्मपुर, इंदौरा, सुलह, जयसिंहपुर, देहरा, कुटलैहड़ और मनाली में भी समीकरण कांग्रेस के लिए फिलहाल ठीक नहीं बैठ रहे हैं।

  •     आज दोबारा से बैठक करेंगे मुकुल वासनिक, राजीव शुक्ला और दीपादास मुंशी
  •     शिमला, किन्नौर, नालागढ़, कांगड़ा, बिलासपुर, गगरेट, चिंतपूर्णी पर फंसा है पेच
  •     सरकाघाट, हमीरपुर, आनी, करसोग, भरमौर, मनाली, देहरा पर नहीं बनी सहमति
  •     नाचन, जोगिंद्रनगर, धर्मपुर, इंदौरा, सुलह, जयसिंहपुर, कुटलैहड़, पांवटा में भी पेच 
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कांग्रेस चुनाव कमेटी की बैठक(फाइल) - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों की अधिसूचना जारी होने के दो दिन बाद मंगलवार देर रात को कांग्रेस ने 46 सीटों पर प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। 22 सीटें अभी भी पार्टी के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। जिन सीटों पर टिकट घोषित कर दिए हैं, उनमें भी पार्टी की अग्निपरीक्षा शुरू हो गई है। कुछ सीटों पर कांग्रेस ने भाजपा के मजबूत नेताओं का इंतजार करने के लिए सीटों को होल्ड कर दिया है। मंगलवार देर रात तक कांग्रेस की विशेष कमेटी ने इन सीटों पर मंथन किया। अब बुधवार सुबह दोबारा बैठक बुलाई गई है। संभावित है कि आज दोपहर तक कांग्रेस 22 सीटों के लिए प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर देगी।



22 सीटों पर प्रत्याशियों के चयन पर पेच रात भर मंथन, फिर भी नहीं बनी सहमति
अनिमेष कौशल, शिमला। विधानसभा चुनावों के लिए 22 सीटों पर प्रत्याशियों को चुनना कांग्रेस के लिए गले की फांस बन गया है। पार्टी हाईकमान की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने मंगलवार रात भर इन सीटों पर मंथन किया लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। बुधवार सुबह दोबारा से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला और पूर्व केंद्रीय मंत्री दीपादास मुंशी इन सीटों पर प्रत्याशी तय करने के लिए बैठक करेंगे। कांग्रेस के लिए शिमला शहर की सीट सबसे सिरदर्दी वाली बन गई है। यहां से हरीश जनारथा, नरेश चौहान और महेश्वर चौहान के नामों पर मंथन जारी है। जनारथा ने 2017 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था। यह प्रतिभा सिंह गुट से हैं। नरेश चौहान पार्टी के मीडिया प्रभारी और सुक्खू गुट से है। महेश्वर चौहान पूर्व पार्षद रहे हैं और मुकेश के समर्थक हैं।

शिमला सीट को लगातार तीन चुनावों से पार्टी हार रही है। किन्नौर से विधायक जगत सिंह नेगी को पार्टी ने पहली सूची में प्रत्याशी नहीं बनाया है। यहां से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी टिकट के लिए हाईकमान के पास लाबिंग में जुटे हैं। नालागढ़ से विधायक लखविंद्र सिंह राणा कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा में अभी तक इनकी टिकट पक्की नहीं हुई है। यहां से इंटक के प्रदेश अध्यक्ष बावा हरदीप कांग्रेस से टिकट की दौड़ में शामिल हैं। बिलासपुर से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के खिलाफ कई स्थानीय नेताओं ने मोर्चा खोला हुआ है। हमीरपुर से पूर्व विधायक अनीता वर्मा और सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समर्थक सुनील कुमार बिट्टू के बीच टिकट लेने की जंग जारी है। 

सरकाघाट में युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यदोपति ठाकुर ने पूर्व मंत्री रंगीलाराम राव और पवन ठाकुर के रास्ते में कांटे बिछाए हुए हैं। यदोपति युवा कांग्रेस के कोटे से टिकट की वकालत प्रतिभा सिंह के माध्यम से कर रहे हैं। कांगड़ा से भी पार्टी टिकट तय करने में सहज नहीं है। विधायक पवन काजल के भाजपा में जाने के बाद पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू ने भाजपा से कांग्रेस में वापसी की है। काजल की टिकट भी अभी भाजपा में फंसी है। ऐसे में कांग्रेस ने यहां अभी टिकट तय नहीं की है। गगरेट में कांग्रेस का एक धड़ा पूर्व विधायक राकेश कालिया की जगह जिला परिषद सदस्य चैतन्य शर्मा को टिकट देने की पैरवी कर रहा है। 

चैतन्य काफी लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय है। चिंतपूर्णी से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार की टिकट भी अधर में फंसी है। यहां से सुदर्शन बबलू के नाम पर भी चर्चा जारी है। भरमौर से पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी की राह में युवा कांग्रेस नेता सुरजीत भरमौरी की दावेदारी खड़ी है। जयसिंहपुर से पूर्व विधायक यादवेंद्र गोमा, पांवटा साहिब से किरनेश जंग, करसोग से मनसा राम की टिकट को लेकर भी मामला फंसा है। इसके अलावा नाचन, आनी, जोगिंद्रनगर, धर्मपुर, इंदौरा, सुलह, जयसिंहपुर, देहरा, कुटलैहड़ और मनाली में भी समीकरण कांग्रेस के लिए फिलहाल ठीक नहीं बैठ रहे हैं।
  •     आज दोबारा से बैठक करेंगे मुकुल वासनिक, राजीव शुक्ला और दीपादास मुंशी
  •     शिमला, किन्नौर, नालागढ़, कांगड़ा, बिलासपुर, गगरेट, चिंतपूर्णी पर फंसा है पेच
  •     सरकाघाट, हमीरपुर, आनी, करसोग, भरमौर, मनाली, देहरा पर नहीं बनी सहमति
  •     नाचन, जोगिंद्रनगर, धर्मपुर, इंदौरा, सुलह, जयसिंहपुर, कुटलैहड़, पांवटा में भी पेच 
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पहली सूची में प्रतिभा वीरभद्र सिंह खेमा भारी

बेशक परिवारवाद को भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ हथियार बनाया हो, मगर कांग्रेस ने इसकी परवाह किए बगैर स्थापित नेताओं के पुत्री-पुत्रों और रिश्तेदारों को टिकट देने से कोई परहेज नहीं किया है। पहली सूची में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा वीरभद्र सिंह का खेमा ही भारी दिखा है।  मंडी जिला के द्रंग में कौल सिंह ठाकुर और मंडी सदर से उनकी पुत्री चंपा ठाकुर को टिकट दिया गया है। नए चेहरों में पूर्व मंत्री दिवंगत जीएस बाली के पुत्र रघुवीर सिंह बाली को नगरोटा बगवां से टिकट मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह को एक बार फिर शिमला ग्रामीण से टिकट दिया गया है। इनके अलावा पालमपुर से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल के बेटे विधायक आशीष बुटेल पर दोबारा दांव खेला गया है। ज्वाली से पूर्व सीपीएस नीरज भारती के पिता पूर्व मंत्री चंद्र कुमार को टिकट मिला है। 

कसौली में पूर्व कांग्रेस सांसद केडी सुल्तानपुरी के पुत्र विनोद सुल्तानपुरी को फिर टिकट दिया गया है। पूर्व मंत्री दिवंगत सत महाजन के बेटे पूर्व विधायक अजय महाजन, धर्मशाला से पूर्व मंत्री दिवंगत पंडित संत राम के बेटे पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, लाहौल स्पीति से पूर्व विधायक लता ठाकुर के पुत्र पूर्व विधायक रवि ठाकुर के अलावा शिलाई से हर्षवर्द्धन सिंह चौहान, जुब्बल-कोटखाई से रोहित ठाकुर आदि भी राजनीतिक घराने से ही आते हैं। पहली सूची में मौजूदा 19 विधायकों को दोबारा टिकट देने से यह बात स्पष्ट हो रही है कि वीरभद्र सिंह के करीबी रहे नेताओं को ही दोबारा टिकट आवंटन में तरजीह दी गई है। छह नए चेहरों के अलावा ज्यादातर वर्ष 2017 में प्रत्याशी रहे नेताओं पर ही दांव खेला गया है। 

और हमलावर होगी भाजपा
हिमाचल चुनाव घोषणा से पहले ही भाजपा ने परिवारवाद को एक बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है। कांग्रेस के इससे परहेज न करने व भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के चुनाव न लड़ने की घोषणा पर जाहिर है कि भाजपा इस मुद्दे पर अब और हमलावर होगी। 
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