जिला परिषद में अध्यक्ष बनाने का दावा कर रही है कांग्रेस, बहुमत के लिए चाहिए 13 सदस्य
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला परिषद की पहली बैठक कांग्रेस के लिए अच्छे संकेत नहीं दे गई। शनिवार को पहले सदन में 11 सदस्यों के साथ पहुंची कांग्रेस को अध्यक्ष बनाने के लिए अभी दो और सदस्यों की जरूरत है। ये सदस्य कौन होंगे, यह खुद पार्टी को भी अभी पता नहीं है। उधर, पहली बैठक से किनारा करने वाली भाजपा अब मजबूत दिख रही है। पार्टी के पास 12 सीटें हैं और निर्दलियों के साथ भाजपा बहुमत होने का दावा कर रही है। इसीलिए पार्टी चाहती है कि जल्द अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव करवाया जाए। चुनाव न होने तक पार्टी के सदस्य बैठकों से किनारा कर सकते हैं। शिमला जिला परिषद में अब कुल 25 वार्ड हैं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनने के लिए एक पार्टी के पास 13 सदस्य होना अनिवार्य है। चुनाव में कांग्रेस के खाते में दस तो भाजपा को 11 सीटें मिली हैं। अब एक निर्दलीय कांग्रेस के साथ जुड़ गए हैं। वहीं, दो भाजपा के पक्ष में लग रहे हैं। एक निर्दलीय पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है लेकिन कांग्रेस का दावा है कि यह सदस्य पार्टी के साथ है। कांग्रेस समर्थित सुरेंद्र रेटका तीसरी बार जिला परिषद सदस्य बने हैं। वह दो बार पहले उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इस बार वह अध्यक्ष के रेस में है लेकिन बहुमत न होने से उनका सपना टूट सकता है। शनिवार को बैठक में भाजपा और निर्दलीय सदस्यों के न पहुंचने पर रेटका ने दावा किया कि कांग्रेस ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाएगी। कहा कि एक निर्दलीय सदस्य निजी कारणों से बैठक में नहीं आए हैं। उन्होंने इसकी सूचना दी थी। भाजपा सदस्यों को बैठक में आना चाहिए था। पहली बैठक में जिला परिषद सदस्य आशा कंवर, प्रियंका तंवर, अनिता शर्मा, अनुराधा शर्मा, नेहा मेहता, संदीप, सुरेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार रेटका, रेखा चौहान, मीनाक्षी, ओमप्रकाश मौजूद रहे।