शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) में राष्ट्रीय एकीकरण में तिलक की भूमिका विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुक्रवार को समापन हुआ। अंतिम दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में देश-विदेश के विद्वानों ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के स्वराज, कर्मयोग, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय एकात्मता से जुड़े विभिन्न आयामों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए। समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि तिलक का चिंतन आज भी राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक आत्मबोध और सामाजिक समरसता के लिए प्रेरणास्रोत है। संवाद