शिमला। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर-5 शिमला सुस्मिता शर्मा की अदालत ने चेक बाउंस मामले में समय से पहले दायर की शिकायत को खारिज कर दिया है। शिकायतकर्ता द्वारा कानून के तय प्रावधानों और समय-सीमा का पालन किए बिना ही शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायतकर्ता महिंदर जीत सिंह (मैसर्स माही ट्रेडिंग कंपनी के मालिक) ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपी निखिल पुरी (मालिक, मैसर्स मोबाइल वर्ल्ड ईशांत) ने 12,525 रुपये कीमत के मोबाइल के एवज में 21 सितंबर 2022 को एक चेक जारी किया था। इस चेक को जब बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया तो यह बाउंस हो गया था। इसके बाद शिकायतकर्ता के वकील के माध्यम से 16 नवंबर 2022 को कानूनी नोटिस भेजा था। अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता यह साबित करने में असफल रहा कि नोटिस की तामील वास्तव में कब हुई थी। इसके अलावा, शिकायत में यह झूठा दावा किया था कि नोटिस का जवाब देकर आरोपी ने देनदारी से इन्कार किया जबकि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया। संवाद