अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर विकास ठाकुर
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अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर विकास ठाकुर मंगलवार शाम 6:30 बजे बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने के लिए उतरेंगे। प्रदेश की नजरें उन पर टिकी हैं। घर पर पिता बृजलाल ठाकुर, माता आशा ठाकुर, बहन एडवोकेट अभिलाषा ठाकुर, बहनोई संगीत अत्री और ताया कुमार ठाकुर समेत अन्य विकास ठाकुर की जीत के लिए घर पर पूजा-पाठ कर रहे हैं। 96 किलो भार वर्ग में विकास ठाकुर का मुकाबला इंग्लैंड, कनाडा, आस्ट्रेलिया और समोआ के पूर्व कॉमनवेल्थ विजेता रहे खिलाड़ियों के साथ है। हालांकि, विकास ठाकुर वर्ष 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए रजत पदक और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए कांस्य पदक जीत चुके हैं। वह नौ बार के नेशनल चैंपियन रहे हैं।
हमीरपुर की टौणीदेवी तहसील के एक छोटे से गांव पटनौण से संबंध रखने वाले विकास ठाकुर की नजर इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक पर है। उन्होंने इसी साल मार्च माह में सिंगापुर में वेटलिफ्टिंग कप में देश के लिए गोल्ड मेडल जीत कर इंग्लैंड के बर्मिंघम में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के लिए क्वालीफाई किया था। विकास के पिता बृजलाल ठाकुर लुधियाना में रेलवे विभाग में कार्यरत हैं। जबकि 29 वर्षीय विकास ठाकुर स्वयं भारतीय वायुसेना में वारंट ऑफिसर के पद पर सेवारत हैं। पिता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में विकास पदक जीतेगा।