विकास ने 96 किलोग्राम भारवर्ग में कुल 346 किलोग्राम भार उठाकर पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 155 किलोग्राम, जबकि क्लीन एंड जर्क में 191 किलोग्राम भार उठाया। विकास ने इससे पहले 2018 में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता था, जबकि 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को रजत पदक दिला चुके हैं।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के पटनौण के रहने वाले वेटलिफ्टर विकास ठाकुर ने बर्मिंघम में हो रही राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को रजत पदक दिलाया। विकास ने 96 किलोग्राम भारवर्ग में कुल 346 किलोग्राम भार उठाकर पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 155 किलोग्राम, जबकि क्लीन एंड जर्क में 191 किलोग्राम भार उठाया। विकास ने इससे पहले 2018 में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता था, जबकि 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को रजत पदक दिला चुके हैं। इस तरह लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने पदक अपने नाम किया।
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विकास ने लगाई पदक की हैट्रिक
पटनौण के रहने वाले 29 वर्षीय अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर विकास ठाकुर ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स-2022 में हैट्रिक लगाई है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार जीत हासिल की। मंगलवार शाम साढ़े छह बजे से ही विकास के माता-पिता और ताया-तायी और अन्य रिश्तेदार उनका मुकाबला देखने के लिए टेलीविजन पर चिपके रहे। शाम आठ बजे जैसे ही विकास ठाकुर मैदान में उतरे तो उनके परिजनों और प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई। विकास ठाकुर ने 96 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 346 किलोग्राम भार उठाकर देश के लिए रजत पदक जीता है। उन्होंने स्नैच में 155 किलोग्राम, जबकि क्लीन एंड जर्क में 191 किलोग्राम भार उठाया है। विकास ठाकुर के माता-पिता लुधियाना में रहते हैं।
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जबकि बाकी परिवार हमीरपुर स्थित पैतृक गांव में है। पिता बृजलाल ठाकुर, माता आशा, बहन अभिलाषा ठाकुर और बहनोई संगीत अत्री ने कहा कि देश के लिए वेटलिफ्टिंग में तीसरी बार पदक जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि विकास से टेलिफोन पर बात हुई और उन्हें जीत की बधाई दी है। हमीरपुर के पटनौण स्थित पैतृक घर पर उनके ताया कुमार चंद ठाकुर, ताई लता ठाकुर, चचेरा भाई अमित ठाकुर, भाभी मनु ठाकुर, भतीजियां ईशिता और अनवी ठाकुर ने जीत का जश्न मनाया। ताया केसी ठाकुर ने बताया कि भतीजा विकास ठाकुर, भाई बृजलाल ठाकुर और भाभी आशा ठाकुर समेत पूरा परिवार 15 मई को पटनौण स्थित अपने घर पर आया था।
पूर्व में यह रहा है विकास का प्रदर्शन
विकास ठाकुर वर्ष 2014 के ग्लास्को राष्ट्रमंडल खेलों में 85 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 333 किलोग्राम भार उठाकर देश को रजत पदक दिला चुके हैं। जिसमें स्नैच में 150 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 183 किलोग्राम भार उठाया था। जबकि वर्ष 2018 के गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में 94 किलोग्राम भारवर्ग में कुल 351 किलोग्राम भार उठाकर देश के लिए कांस्य पदक जीता था। जिसमें स्नैच में 159 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 192 किलोग्राम भार उठाया था। विकास ठाकुर भारतीय वायुसेना में वारंट अफसर के पद पर सेवारत हैं। वह हमीरपुर जिले की टौणीदेवी तहसील के गांव पटनौण के रहने वाले हैं।