विधायक प्राथमिकता की बैठक के बीच मुख्यमंत्री ने नए साल के बजट को अंतिम रूप देने के लिए सचिवों की बैठक बुला ली है। इसमें बजट के तैयार हो चुके खाके को अंतिम रूप देने के साथ ही उसमें बदलाव पर अंतिम फैसला होगा। बजट को लेकर पहले ही वित्त व प्लानिंग विभाग सारी कवायद कर चुका है। वित्त और प्लानिंग विभाग पिछले एक महीने से विभिन्न विभागों से बजट को लेकर मैराथन बैठकें कर रहा था।
इसमें विभागों से प्रस्तावित प्रोजेक्टों और उन पर होने वाले संभावित खर्च का ब्योरा लिया जा रहा था। सूत्रों का कहना है कि अपने दूसरे बजट में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक बार फिर किसानों-बागवानों पर खास फोकस कर सकते हैं।
साथ ही दूसरे बजट में पहले बजट की घोषित योजनाओं के लागू होने का भी एलान कर सकते हैं। वहीं, कर्मचारियों व पेंशनरों, सामाजिक सुरक्षा संबंधी पेंशनों को भी बढ़ाने की संभावना है। नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि ऐसी घोषणाएं की जाए जो लोगों तक आसानी से और कम समय में पहुंच सके।
जनवरी के तीसरे हफ्ते में हो सकता है सत्र का एलान
सूत्रों का कहना है कि सरकार जनवरी के अंतिम हफ्ते से पहले बजट सत्र की घोषणा कर सकती है। इसके पीछे लोकसभा के चुनावों को माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सरकार ने बजट को लेकर यह सारी कवायद अगले साल मार्च के बाद संभावित लोकसभा चुनावों को देखते हुए की है। चूंकि, फरवरी महीने के बाद कभी भी चुनाव का एलान हो सकता है। ऐसे में प्रदेश सरकार अपने बजट को पहले ही बजट सत्र शुरू कर पेश करने की कोशिश कर रही है।