शिमला। न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट शिमला की अदालत ने चेक बाउंस से जुड़े मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी पहले ही चेक की रकम से अधिक का भुगतान कर चुका था ऐसे में उस पर चेक राशि की कोई कानूनी देनदारी नहीं बनती है। मामले के अनुसार श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (अब श्रीराम फाइनेंस कंपनी लिमिटेड) की गुम्मा (कोटखाई) शाखा ने कोटखाई निवासी आरोपी महेंद्र सिंह के खिलाफ 8.85 लाख के चेक बाउंस का मामला दायर किया था। शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप था कि महेंद्र सिंह ने 8 मार्च 2019 को एक वाहन के लिए 8.85 लाख रुपये का ऋण लिया था। कानूनी देनदारी चुकाने के लिए आरोपी ने 21 दिसंबर 2022 को चेक जारी किया जो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। कंपनी की ओर से पेश गवाह ने जिरह में यह स्वीकार किया कि आरोपी महेंद्र सिंह पहले ही कंपनी को 9,58,338 रुपये का भुगतान कर चुका है। संवाद