ट्रक ऑपरेटर यूनियन और अदाणी ग्रुप के बीच चल रहा विवाद सुलझाने के लिए सोमवार को उपमंडल अधिकारी कार्यालय अर्की के सभागार में बैठक हुई। बैठक एसडीएम केशव राम कोली की अध्यक्षता में हुई। इसमें दाड़लाघाट ट्रक ऑपरेटर यूनियन और ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। यह चार घंटे तक चली। इसमें सीमेंट ढुलाई की दरों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि बैठक में ट्रक ऑपरेटरों का पक्ष जाना गया। सीमेंट ढुलाई को लेकर उनसे रेट पूछे गए। हालांकि, बैठक में ऑपरेटरों ने कम दरों पर ढुलाई से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया। उन्होंने हवाला दिया कि 2005 में हाईकोर्ट के आदेशानुसार मालभाड़े की जो दरें तय की गई थीं, उसी के अनुसार जो बढ़ोतरी हुई है उसकी वर्तमान में तय दरें कमेटी को सौंपी गई हैं। इसमें तर्क दिया कि कंपनी आज भी उन्हें उन दरों से कम रेट दे रही है। ट्रांसपोर्टर महंगाई को देखते हुए और दरें कम नहीं कर सकते। बैठक में ट्रांसपोर्ट सोसायटी और परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
एसडीटीओ के उपप्रधान नरेश गुप्ता ने बताया कि पिछले दिनों प्रमुख सचिव परिवहन के साथ शिमला में बैठक हुई थी। उनके आदेशानुसार सोमवार को यह बैठक थी। बैठक में अधिकारियों के सामने पक्ष रखा। सीमेंट ढुलाई के रेट के सभी बिंदुओं पर चर्चा की गई। ट्रांसपोर्टरों ने मालभाड़े की दरें अधिकारियों को सौंप दी हैं। उधर, प्रमुख सचिव परिवहन के अधीक्षक अमित चोपड़ा ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों से माल ढुलाई में हो रहे खर्चे जिसमें तेल, टायर सहित अन्य उपकरणों के बढ़े हुए रेटों को लेकर ऑपरेटरों से चर्चा की गई। सभी मसलों को लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
सरकार के निर्देश के बाद बरमाणा ट्रक यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बिलासपुर के उपायुक्त मंगलवार को बैठक करेंगे। अर्की और बरमाणा ट्रक मालिकों से बातचीत के बाद तैयार रिपोर्ट प्रधान सचिव परिवहन और उद्योग आरडी नजीम को बुधवार को सौंपेंगे। अर्की में ट्रक ऑपरेटरों ने साफ कहा है कि महंगाई को देखते हुए सीमेंट ढुलाई की दरें नहीं घटाई जा सकतीं। सीमेंट के दाम घटाने को लेकर कंपनी पर दबाव पड़ने के बाद सीमेंट ढुलाई की दरों को लेकर विवाद पनपा है। ट्रक यूनियनें सीमेंट ढुलाई की दरों को कम नहीं करने के लिए अड़ी हैं, जबकि कंपनी सीमेंट की ढुलाई की दरें घटाने को दबाव डाल रही है।
सोमवार को अर्की की ट्रक यूनियनों के करीब तीस प्रतिनिधियों की स्थानीय एसडीएम की मौजूदगी में सुबह 11:00 से दोपहर बाद 3.00 बजे तक बैठक हुई। इसमें शिमला से परिवहन विभाग का अधिकारी सचिवालय से भेजा गया था। दूसरे पक्ष के प्रतिनिधियों को नहीं बुलाया था। परिवहन निदेशक और हाईकोर्ट के निर्देश में वर्ष 2004 में गठित कमेटी के सदस्य सचिव अनुपम कश्यप ने कहा कि मंगलवार को बरमाणा के ट्रक मालिकों के प्रतिनिधियों की डीसी बिलासपुर की बैठक है। इनसे भी इनपुट लेकर कमेटी के अध्यक्ष और प्रधान सचिव परिवहन और उद्योग आरडी नजीम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।