बहुचर्चित गुडि़या केस से जुड़े सूरज लॉकअप हत्या मामले में गिरफ्तार शिमला के तत्कालीन एसपी डीडब्ल्यू नेगी को सीबीआई दिल्ली ले गई है। नेगी को रात भर शिमला में सीबीआई के पहरे में रखा गया। शुक्रवार तड़के सीबीआई टीम एसपी को दिल्ली ले गई।
देर शाम नेगी तक नेगी से पूछताछ होती रही। उधर, इसी मामले में पुलिस के एक अन्य अधिकारी को भी शिमला कार्यालय तलब किया गया। उससे भी लंबी पूछताछ हुई। सूत्र बताते हैं कि एसपी नेगी की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की एक टीम शुक्रवार को गुडि़या के पुराने स्कूल पहुंची।
यहां भी कई तथ्य खंगाले गए। सीबीआई ने एसपी नेगी को सूरज की हत्या का मामला दबाने और फर्जी केस बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अब संभावना जताई जा रही है कि नेगी की गिरफ्तारी से गुडि़या से दुराचार व हत्या मामले में भी कुछ खुलासा हो सकता है।
गुडि़या मामले में सीबीआई अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। पुलिस एसआईटी ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, उन्हें भी सीबीआई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इस प्रकरण में सीबीआई को मतगणना के अगले दिन 19 दिसंबर को स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपनी है।
वायस सैंपल लेने के मामले की सुनवाई 20 तक टली
गुडि़या केस से जुड़े सूरज लॉकअप मौत मामले में आईजी समेत गिरफ्तार 8 पुलिस कर्मियों के वायस सैंपल लेने की अर्जी पर शुक्रवार को जिला कचहरी में सुनवाई नहीं हुई।
सीबीआई ने इसके वायस सैंपल लेने को कोर्ट में अर्जी दी है। मामले की सुनवाई 20 नवंबर को होगी। बता दें कि सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी कंडा जेल में हैं।
गुड़िया मामले में सीबीआई बुरी तरह फेल : मुख्यमंत्री
सीएम वीरभद्र सिंह ने गुड़िया मामले में सीबीआई को बुरी तरह से फेल करार दिया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई गुड़िया मामले को सुलझाने में न केवल असफल रही, बल्कि प्रकरण की दिशा ही मोड़ दी है। कई महीनों से जांच कर रही सीबीआई मामले में कुछ नहीं कर पाई।
दिल्ली से शिमला लौटे सीएम शुक्रवार को आईजीएमसी में आंखों का चैकअप करवाने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि गुड़िया से दुराचार और हत्या के मामले में सीबीआई अभी तक कुछ नहीं कर पाई है। जो गिरफ्तारियां हो रही हैं, वह हिरासत में एक आरोपी की मौत को लेकर हुई हैं।