दूरदर्शन शिमला के एक बड़े अफसर सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने संबंधित मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने दूरदर्शन महानिदेशालय दिल्ली को अपनी कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट किया है।
इसमें सीबीआई ने रॉयल्टी आवंटन को लेकर चल रही वित्तीय अनियमितताओं की जांच और मामले में संलिप्त अफसरों पर दर्ज एफआईआर के बारे में जानकारी दी गई है। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है।
डायरेक्टर जनरल दूरदर्शन ने बताया कि उन्होंने हाल ही में ज्वाइन किया है, लेकिन वह मामले को लेकर संज्ञान लेंगी। सीआरपीसी के नियमों में केस दर्ज करने के बाद जांच एजेंसी को इस संबंध में मामले से जुड़े विभाग को जानकारी देना जरूरी होता है।
कई और अफसर भी आ सकते हैं जांच के दायरे में
हालांकि, जांच के समय भी विभाग का एक अधिकारी सीबीआई के साथ बराबर तालमेल बनाए हुए था। सीबीआई ने इसी सप्ताह दूरदर्शन केंद्र शिमला में रॉयल्टी आवंटन को लेकर एक बड़े अफसर सहित दो निजी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर केंद्र के कई और अफसर इसके दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, सीबीआई के अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी कहने बच रहे हैं, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है।
अभी तक की जांच में पता चला है कि रॉयल्टी आवंटन को लेकर कुछ खास डिस्ट्रीब्यूटरों पर मेहरबानी दिखाई गई थी। साथ ही कई अन्य पहलुओं पर भी केंद्रीय जांच एजेंसी गहनता से पड़ताल कर रही है।