807 पूर्व सैनिकों की विभिन्न विभागों में होने वाली भर्तियां लटक गई हैं।
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प्रदेश सरकार के नए आदेश से 807 पूर्व सैनिकों की विभिन्न विभागों में होने वाली भर्तियां लटक गई हैं। पहले सैनिक कल्याण विभाग ने उक्त भर्तियां करनी थीं, लेकिन अब सरकार ने चयन आयोग से इन भर्तियों को करवाने का निर्णय लिया है। सैनिक कल्याण विभाग ने जनवरी में पूर्व सैनिकों को साक्षात्कार के लिए कॉल लेटर भेजने थे।
इसके 21 दिन बाद इन पदों पर भर्तियों के लिए साक्षात्कार होने थे, लेकिन सरकार के चयन आयोग से भर्तियां करवाने के निर्णय से अब यह प्रक्रिया लटकती दिख रही है। अब सैनिक कल्याण विभाग ने प्रदेश सरकार को स्पष्टीकरण के लिए पत्र भेजा है।
सरकार के स्पष्टीकरण के बाद ही पूर्व सैनिकों की डायरेक्ट भर्तियों का रास्ता साफ होगा। अगर सरकार पूर्व सैनिकों की भर्तियों के लिए चयन आयोग की मान्यता को नहीं रखती है तो यह भर्तियां पूर्व की तरह निदेशालय के तहत ही होंगी।
अगर सरकार ने इन भर्तियों के लिए भी चयन आयोग की मान्यता को रखा, तो पूर्व सैनिकों की भर्तियां भी चयन आयोग के तहत की जाएंगी। इसके लिए निदेशालय ने सरकार को पत्र लिखा है। इसका जवाब विभाग के पास नहीं आया है।
पत्र का जवाब आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस मामले में सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर एसके वर्मा का कहना है कि सरकार की तरफ से अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। सरकार के स्पष्टीकरण के बाद ही भर्ती प्रक्रिया आरंभ हो सकती है।