प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के लाखों छात्र अब बैंकों की तरह अपने सर्टिफिकेट डिजिटल लॉकर में रख सकेंगे। डिजिटल लॉकर में रखे दस्तावेजों को छात्र दुनिया में कहीं भी बैठकर एक क्लिक पर देख सकेंगे। ऐसी सुविधा शुरू करने वाला हिमाचल शिक्षा बोर्ड देश का पहला राज्य बनेगा।
नए प्रोजेक्ट को शुरू करने वाले मानव संसाधन विकास मंत्रालय की दो एजेंसियों के अधिकारियों ने धर्मशाला में शिक्षा बोर्ड के अफसरों के साथ बैठक की है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिक्षा बोर्ड के समक्ष प्रोजेक्ट को शुरू करने का प्रेजेंटेशन दे दिया है। अब शिक्षा बोर्ड मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रोजेक्ट पर मंथन कर रहा है।
शिक्षा बोर्ड जल्द ही एग्रीमेंट कर एक माह के भीतर डिजिटल लॉकर के प्रोजेक्ट को पायलट आधार पर शुरू करेगा। डिजिटल लॉकर में छात्र अपने 10वीं, 12वीं और अन्य जरूरी दस्तावेज रख सकेंगे। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष बलबीर तेगटा ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। प्रोजेक्ट पर विचार कर जल्द एग्रीमेंट करेंगे। जल्द ही इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू कर देंगे।
यह होगा फायदा
वर्तमान में शिक्षा बोर्ड छात्रों को उनके सर्टिफिकेट घर में हार्ड कॉपी के रूप में भेजता है। कई बार सर्टिफिकेट खो जाने या घर में रह जाने की वजह से छात्र इंटरव्यू या उच्च शिक्षा में प्रवेश करने से वंचित रह जाते हैं। अब छात्र कहीं भी कभी भी ऑनलाइन अपने सर्टिफिकेट अपने प्रयोग के लिए देख सकेंगे। सरकारी नौकरी लग जाने पर विभागीय वेरिफिकेशन में भी डिजिटल लॉकर काम आएगा।
ऐसे काम करेगा
डिजिटल लॉकर के लिए शिक्षा बोर्ड छात्रों को यूजर नेम और पासवर्ड देगा। लॉकर खोलने के लिए हर बार छात्रों को शिक्षा बोर्ड से नया पासवर्ड मिलेगा, तभी लॉकर खुलेगा। डिजिटल लॉकर में रखे सर्टिफिकेट सभी सरकारी महकमों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में मान्य होंगे। थर्ड पार्टी भी आवेदन भेजकर कर डिजिटल लॉकर में बच्चों के सर्टिफिकेट वेरीफाई कर सकेगी।