शिमला। शहर में चक्का जाम करने से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे मरीज, स्कूल जाने वाले बच्चे और आम नागरिक परेशान होते हैं। प्रदेश सरकार किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं देगी। चक्का जाम करने से बेहतर है कि लोग अपनी मांगों को लेकर मंत्रियों और मुख्यमंत्री से बात करें जिससे उसका समाधान निकाला जा सके। शहर में आए दिन होने वाले ट्रैफिक जाम के कारण हर वर्ग को दिक्कतें झेलनी होती हैं। अचानक लोगों को पता चलता है कि चक्का जाम हो गया है। ऐसे में लोग न समय पर अस्पताल पहुंच पाते हैं और बच्चों को स्कूल से लाने में भी दिक्कतें आती हैं। ब्यूरो