शिमला में भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा की प्रेस वार्ता
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भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने देश को झकझोर के रख दिया है। देशभर के डॉक्टर जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। जिस तरह की दरिंदगी हुई है, उसकी तुलना दिल्ली में हुए निर्भया मामला से की जा रही है। वहीं, इस बेहद शर्मनाक और संवेदनशील घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार का रवैया कम आश्चर्यजनक नहीं है।
उन्होंने शुक्रवार को शिमला में प्रेसवार्ता में कहा कि राहुल गांधी को इस घटना को समझने में पांच दिन लग गए। वह इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। इससे साफ हो गया है कि वह ममता से डरते हैं। इस घटना के बाद आरोपियों को पकड़ने की बजाय पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले में जिस तरह की लीपापोती की, उससे साजिश वाला शक और ज्यादा गहरा गया है। अब जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सबके सामने है तो ममता सरकार और पुलिस के पास जवाब नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर दावा कर रहे हैं कि इस अपराध में एक से ज्यादा आरोपी शामिल हैं। ऐसे में क्या सिर्फ एक आरोपी को गिरफ्तार कर किसी और बचाने की भूमिका तैयार की गई है।
'सेमिनार हॉल को सील क्यों नहीं किया गया'
राधिका खेड़ा ने कहा कि मेडिकल अस्पताल के हड़ताली डॉक्टर्स का कहना है कि अस्पताल के जिस सेमिनार हॉल में इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया, उसे सील किया जाना चाहिए था, लेकिन सेमिनार हॉल को सील क्यों नहीं किया गया? क्या यह सब अपराध के सबूत मिटाने के लिए किया गया? बड़ी बात यह भी है कि बंगाल की सीएम ममता बनर्जी प्रदेश की गृहमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। लिहाजा मेडिकल कॉलेज की एक-एक घटना पर उनकी सीधी जिम्मेदारी है तो वह अपनी इस जिम्मेदारी से क्यों बच रही हैं।