बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर
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बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा है कि सेब सीजन में हिमाचल प्रदेश सरकार कार्टन के दाम नहीं बढ़ाएगी। सरकार के इस फैसले से कोरोना काल में लाखों बागवानों को बड़ी राहत मिलेगी। पिछले सीजन के मूल्य पर ही सरकार बागवानों को कार्टन देगी। इस साल सरकार मनाली की मंडियों की तर्ज पर प्रदेश की विभिन्न मंडियों में भी सेब को क्रेट में भरकर बेचने का प्रयोग करेगी। यह प्रयोग सफल रहा तो सरकार सेब क्रेट में भरकर बेचने को स्वीकृति देगी।
महेंद्र सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मंडी मध्यस्थता योजना में खरीदे गए सेब की बोरियों की नंबरिंग होगी। इसके साथ कलेक्शन सेंटरों का नाम भी लिखा जाएगा। इससे पता चल जाएगा कि सेब की बोरी कहां से भेजी गई है। अगर सेब खराब निकलता है तो उस सेंटर में तैनात कर्मचारियों की जवाबतलबी होगी। अभी तक यह नहीं पता चलता था कि कहां से खराब सेब भरकर भेजा गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि छोटे बागवानों का आर्थिक शोषण न होने दें। बागवानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करें। सीजन में सेब ढुलाई के लिए गाड़ियों की दिक्कत भी बागवानों को न हो, इसके पूरे प्रयास रहेंगे।
आईआईटी मुंबई की मदद से दस स्थानों पर एंटीहेल गन लगेंगे
मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि आईआईटी मुंबई की मदद से प्रदेश के दस स्थानों पर एंटीहेल गन लगाए जाएंगे। इस संबंध में एक टीम भी अध्ययन करने हिमाचल प्रदेश में आ चुकी है। एंटीहेल नेट पर बर्फ पड़ने से सेब के पेड़ों और सेब को नुकसान हुआ है। एंटीहेल गन लगाने से यह समस्या नहीं होगी। एक एंटीहेल गन लगाने पर 8 से 15 लाख रुपये का खर्च आएगा। एक गन 500 मीटर के क्षेत्र में सेबों की सुरक्षा करेगी।