शिमला। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (एआईएलयू) हिमाचल प्रदेश ने नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ हैदराबाद के 2026 बैच के छात्रों के नामांकन पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा लगाए प्रतिबंध के आदेश की कड़ी निंदा की है। एआईएलयू ने बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की कार्यशैली को मनमाना और अलोकतांत्रिक करार देते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। एआईएलयू के अध्यक्ष निरंजन वर्मा और महासचिव सुरिंदर वर्मा ने कहा कि छात्रों का अपने दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि को लेकर असहमति जताना उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है। इसे अनुशासनहीनता या अदालत की अवमानना के रूप में देखना और पूरे बैच के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना एक खतरनाक मिसाल है। बीसीआई का छात्रों पर कोई अनुशासनात्मक क्षेत्राधिकार नहीं है। एआईएलयू ने नाल्सार के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ चल रही किसी भी तरह की जांच को तत्काल रोकने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि यह जांच केवल छात्रों को डराने और उनकी आवाज को दबाने का एक प्रयास है, जो कानून की शिक्षा के नियामक के रूप में बीसीआई को शोभा नहीं देता। संवाद