मालभाड़ा विवाद सुलझने के 70 दिन बाद एसीसी सीमेंट प्लांट बरमाणा और अंबुजा सीमेंट प्लांट दाड़लाघाट मंगलवार को शुरू हो गए। प्लांट शुरू होने के बाद बरमाणा से 2,000 मीट्रिक टन सीमेंट और क्लींकर रवाना किया गया। यह सीमेंट और क्लींकर प्लांट बंद करने वाले दिन यानी 14 दिसंबर को तैयार किया गया था, जो डिस्पैच नहीं हो पाया था। इस सीमेंट और क्लींकर की ढुलाई उन ट्रकों ने की, जिन्हें 14 दिसंबर को मांग दी गई थी।
वहीं, एसीसी प्लांट बरमाणा से अब अंबुजा सीमेंट की भी ढुलाई होगी। अदाणी समूह बरमाणा प्लांट से अंबुजा के बैग में भी सीमेंट की पैकिंग करेगा। इन अंबुजा बैग की ढुलाई के लिए बिलासपुर ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) के साथ मंगलवार को अनुबंध (एमओयू) हुआ है। अनुबंध के अनुसार माल ढुलाई के लिए न्यूनतम मालभाड़े का दायरा पहले की तरह 40 किलोमीटर ही रहेगा। बीडीटीएस के फार्मूले के तहत ही मालभाड़े में वार्षिक बढ़ोतरी होगी। सिंगल और मल्टी एक्सेल ट्रक के लिए मैदानी क्षेत्रों में एक बराबर 5.15 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति टन मालभाड़ा होगा जबकि मैदानी क्षेत्रों में सिंगल एक्सेल के लिए 10.30 रुपये और मल्टी एक्सेल के 9.30 रुपये मालभाड़ा होगा।
बरमाणा प्लांट से सीमेंट ढुलाई के लिए बुधवार से बीडीटीएस की ऐप के माध्यम से ऑनलाइन डिमांड शुरू होगी। अनुबंध के अनुसार प्लांट से रोजाना 10,000 मीट्रिक टन सीमेंट और क्लींकर डिस्पैच किया जाएगा। मंगलवार को बीडीटीएस और अदाणी सीमेंट प्रबंधन के बीच बरमाणा में बैठक हुई। बैठक में सोमवार को मुख्यमंत्री की ओर घोषित किए गए मालभाड़े पर दोनों पक्षों ने औपचारिक सहमति जताई। इसके अलावा वार्षिक बढ़ोतरी, पंजाब के डंप को खोलने, डीलरों को सीधी सप्लाई सहित अन्य मुद्दो पर भी वार्ता हुई। बीडीटीएस महासचिव प्रदीप ठाकुर ने बताया कि ट्रक ऑपरेटर के हितों को देखते हुए ही एमओयू साइन किया है।
अंबुजा से प्रतिनियुक्ति पर भेजे 88 कर्मचारी वापस बुलाए
दाड़लाघाट सीमेंट प्लांट में प्रतिनियुक्ति पर भेजे सभी 88 कर्मचारियों को कंपनी ने वापस बुला लिया है। विवाद सुलझते ही सोमवार शाम को इन सभी कर्मचारियों को वापस आने के आदेश दे दिए। मंगलवार सुबह ही सभी कर्मचारी संबंधित प्लांटों से वापस चल पड़े हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी मंगलवार शाम तक दाड़लाघाट पहुंच गए, जबकि कुछ बुधवार को पहुंचेंगे। कंपनी इन सभी कर्मचारियों के आने का पूरा खर्च वहन करेगी। इसके लिए उन्हें पहले ही सूचित कर दिया है। राजस्थान के कर्मचारी मंगलवार सुबह 11 बजे रेलगाड़ी से वापस आने के लिए चल पड़े, जो बुधवार को दाड़लाघाट प्लांट में दोबारा से ज्वाइन करेंगे। इन कर्मचारियों को बीते 21 दिसंबर को दाड़लाघाट से रोपड़, बठिंडा, नालागढ़, राजस्थान के मारवाड़ मुंडवा, राबडियावास और लखेरी सीमेंट प्लांट में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया था। कंपनी प्रबंधक ने इसकी पुष्टि की है। संवाद
चालक कम, ट्रक थे ज्यादा
दाड़लाघाट में अंबुजा में जैसे ही गाड़ियों को लोड करने के लिए कंपनी में मंगवाया गया तो यहां चालकों की कमी आड़े आ गई। ज्यादातर चालक घर चले गए हैं। ऐसे में पहले दिन सोसायटी के पदाधिकारियों ने मनमर्जी से सीमेंट ले जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जो भी सोसायटी के ट्रांसपोर्टर क्लींकर ले जाना चाहता है, वह अपने ट्रक भरवा सकता है।
बैठक में प्रबंधकों के साथ गहमागहमी
मंगलवार दोपहर 1:00 बजे दाड़लाघाट में कोर कमेटी के सदस्यों ने अंबुजा प्रबंधकों के साथ बैठक की। बैठक में बैकलोड और डिस्पैच पर वार्ता हुई। अंबुजा प्रबंधकों ने बीते दिन मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में तय दरों के बावजूद 50 पैसे कम देने की बात कही। उन्होंने ऑपरेटरों से कहा कि वह तय दरें 10.30 रुपये की जगह 9.80 रुपये और 9.30 रुपये की जगह 8.80 रुपये देंगे। इस पर बैठक में गहमागहमी हो गई। ऑपरेटर बैठक छोड़कर जाने लगे। इसी बीच कंपनी प्रबंधक मनोज जिंदल ने प्रबंधकों को तय भाड़ा देने पर सहमति जताई।
बरमाणा में भी ट्रक ऑपरेटरों ने की बैठक
बरमाणा में बिलासपुर ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) के भवन में ट्रक ऑपरेटराें की बैठक हुई। सभा के पदाधिकारियों ने ट्रक ऑपरेटरों को अदाणी कंपनी के साथ तय हुए मालभाड़े की जानकारी दी। महासचिव प्रदीप ठाकुर ने बताया कि सोमवार को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में सिंगल एक्सेल ट्रक का 10.30 रुपये और मल्टी एक्सल गाड़ी का 9.30 रुपये मालभाड़ा तय हुआ है। मैदानी क्षेत्रों में तय मालभाड़े का आधा मिलेगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वार्षिक बढ़ोतरी अप्रैल में दिला दी जाएगी और जिस अनुबंध पर पहले माल ढुलाई हो रही थी, उसी अनुबंध पर आगे भी माल ढुलाई होगी।