शिमला। राजधानी की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत रेप पॉक्सो के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विवेक शर्मा की अदालत ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म करने के मामले में ठियोग निवासी आरोपी राहुल को नाबालिग के मुकरने और साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार जून 2025 में थाना ठियोग में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर जंगल में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। हालांकि, सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसकी मां अदालत में अपने बयानों से मुकर गईं। पीड़िता ने अदालत में स्पष्ट किया कि उसके साथ कोई गलत काम नहीं हुआ और वह अपनी मर्जी से मौसी के घर गई थी। वहीं अभियाेजन पक्ष की ओर से पेश डीएनए रिपोर्ट पर अदालत ने पाया कि नमूनों को फॉरेंसिक लैब जुन्गा भेजते समय सील की छाप साथ नहीं भेजी गई थी जिससे सैंपलों की सुरक्षा व प्रक्रिया की कड़ी टूट गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि मुख्य गवाहों के मुकरने के बाद केवल डीएनए रिपोर्ट के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता। अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। संवाद