शिमला। ढली क्षेत्र में चिट्टे के साथ पकड़े गए आरोपी की नियमित जमानत याचिका को अतिरिक्त सत्र न्यायालय प्रवीण गर्ग की अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता, आरोपी के आपराधिक इतिहास और प्रथम दृष्टया में सामने आए साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया है।अभियोजन पक्ष के अनुसार 21 जुलाई 2026 को पुलिस थाना ढली के तहत पुलिस टीम गश्त और अपराध रोकथाम ड्यूटी के दौरान कुफरी के पास मौजूद थी। इस दौरान गुप्त सूचना पर एक टैक्सी को चेकिंग के लिए रोका तो डैशबोर्ड से 9 ग्राम चिट्टा, वजन मापने की मशीन और 14 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई थी। पुलिस ने इस मामले में शिमला निवासी आरोपी कुलदीप ठाकुर जो गाड़ी चला रहा था और सह-आरोपी मनोज को गिरफ्तार किया था। अदालत ने माना कि बरामद 9 ग्राम चिट्टा कमर्शियल मात्रा के दायरे में नहीं आता है लेकिन इससे आरोपी को जमानत का अधिकार नहीं मिल जाता। अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना परवाणू में एक अन्य मामला दर्ज है। संवाद