शिमला। विशेष न्यायाधीश (वन) शिमला अजय मेहता की अदालत ने फर्जी दस्तावेज के मामले में हरियाणा निवासी प्रार्थी अनिकेत जैन को अग्रिम जमानत दी है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि प्रार्थी की फर्म द्वारा प्रस्तुत किए दस्तावेजों से टेंडर प्रक्रिया पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर राज्य सरकार कोई पुख्ता आधार पेश नहीं कर सकी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रतिवादी (राज्य सरकार) यह साबित करने में विफल रही कि उक्त प्रमाण पत्र का उपयोग किस प्रकार गलत लाभ कमाने के लिए किया था। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह एफआईआर केवल इसलिए दर्ज कराई गई है क्योंकि प्रार्थी के पिता ने एचपी स्टेट कोऑपरेटिव वूल फेडरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। संवाद