शिमला। जिला अदालत ने आरोपी मुनीश कुमार को राहत देते हुए उसके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्लयू) को रद्द कर दिया और उसे कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी। अदालत के समक्ष मुनीश कुमार ने बताया कि वह पेशे से चालक है। आजीविका के सिलसिले में कुल्लू गया था। इस दौरान क्षेत्र में खराब मौसम और भूस्खलन के कारण वह रास्ते में फंस गया और समय पर अदालत में उपस्थित नहीं हो पाया। उसने कहा कि फंसे होने के कारण वह अपने अधिवक्ता को भी अपनी स्थिति की जानकारी नहीं दे पाया। उसकी गैर-हाजिरी न तो जानबूझकर थी और न ही लापरवाही वश हुई। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि आरोपी की ओर से गैर-हाजिरी का कारण युक्ति संगत है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। अदालत ने कहा कि आरोपी जमानत की सभी शर्तों का पालन करने को तैयार है। अदालत ने मुनीश कुमार को 25,000 के निजी बांड और एक जमानती बांड जमा करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।