शिमला। नवजात शिशु को जन्म के एक घंटे के भीतर मां का दूध पिलाना चाहिए। डब्ल्यूएचओ की स्टडी में सामने आया है कि अस्पतालों में 100 से 80 नवजात पैदा होते हैं लेकिन महज 40 नवजात को ही माताएं एक घंटे में स्तनपान करवा रही हैं। यह जानकारी आईजीएमसी बाल रोग विभाग की प्रो. डॉ. मंगला सूद ने दी। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में शनिवार को विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया। बाल रोग विभाग की प्रो. डॉ. मंगला सूद ने माताओं को जानकारी दी कि अगर एक घंटे में मां शिशु को स्तनपान करवा ले तो शिशुओं के मृत्यु के चांस 25 फीसदी तक कम हो सकते हैं। डॉ. मंगला सूद ने कहा कि स्तनपान नवजात के लिए अमृत है और पोषण युक्त है। उन्होंने बताया कि मां का दूध बच्चे की पहली वैक्सीन है। इसके अलावा बच्चा मोटापा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से भी बचा रहता है। इस अवसर पर डॉ. बीआर ठाकुर, डॉ. राजेश, डॉ. चंपा और पोषण परामर्शदाता अल्का मौजूद रही। संवाद