शिमला। स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) हिमाचल प्रदेश ने बुधवार को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मशोबरा में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य युवाओं को अंगदान के बारे में प्रेरित करना रहा। सोटो की आईईसी/मीडिया कंसल्टेंट रामेश्वरी ने विद्यार्थियों को अंगदान के महत्व, ब्रेन स्टेम डेथ की अवधारणा, अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों, कानूनी प्रावधानों और अंगदान की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने पावर पॉइंट के माध्यम से बताया कि एक मृत अंगदाता आठ लोगों को नया जीवन दे सकता है और कई अन्य मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकता है। अंगदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च सेवा है। यदि अधिक से अधिक लोग इसके महत्व को समझकर आगे आएं तो अनेक जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर अंगदान की शपथ लेने और परिवार व समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया। www.notto.abdm.gov.in पर जाकर अंगदान की शपथ लेने की अपील की। लिया।