अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आईजीएमसी अस्पताल प्रशासन ने शुक्रवार को नर्सिंग स्टाफ को चिट्टा और अन्य मादक पदार्थ से मानव शरीर को होने वाले नुकसान और इससे समाज, परिवार पर पड़ने वाले असर को लेकर जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। अस्पताल के डिप्टी एमएस डाॅ. प्रवीण भाटिया ने मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। 50 से ज्यादा नर्सिंग स्टाफ को संबोधित करते हुए चिट्टे से शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इनके सेवन से व्यवहार में एकदम से बदलाव आता है। इसका सेवन करने वाले का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। एक बार चिट्टे का नशा करने के बाद व्यक्ति इसका आदि हो जाता है। नशा ने केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को खराब करता है, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी गहरा असर डालता है। युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। कहा कि नशे की लत से बचने के लिए समय रहते सही जानकारी और परामर्श बेहद जरूरी है।