शिमला। चेक बाउंस से नौ साल पुराने मामले में अदालत ने अतिरिक्त दस्तावेज रिकॉर्ड पर लाने और नया गवाह तलब करने की शिकायतकर्ता की अर्जी खारिज कर दी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) संदीप सिंह सिहाग की अदालत ने कहा कि ट्रायल को अंतहीन प्रक्रिया नहीं बनाया जा सकता। मामला सरस्वती डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड बनाम प्रणेश शर्मा से जुड़ा है। इसमें 12.22 लाख रुपये का चेक बाउंस हुआ था। शिकायतकर्ता कंपनी ने अर्जी देकर कहा कि वर्ष 2017 में भेजे लीगल नोटिस की पावती (एडी) वकील के दफ्तर में खो गई थी जो अब मिली है। इसलिए इसे रिकॉर्ड पर लेकर जीपीओ शिमला के कर्मचारी को गवाही के लिए बुलाया जाए। अदालत ने अर्जी खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि डाक विभाग पहले ही उस समय का रिकॉर्ड नष्ट होने की बात कह चुका है। संवाद