एसएफआई ने भी किया आंदोलन का समर्थन; बोले, निजी स्कूलों के साथ खड़ी है प्रदेश सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ बुधवार को छात्र-अभिभावक मंच शिक्षा निदेशालय के बाहर प्रदर्शन करेगा। एसएफआई की राज्य कमेटी ने इस आंदोलन को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है। छात्र-अभिभावक मंच, निजी स्कूलों और संस्थानों को पूरी फीस लेने के लिए अधिकृत करने के निर्णय के खिलाफ शिक्षा निदेशालय शिमला का घेराव करेगा। राज्य सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि निजी स्कूलों के इस फैसले के कारण छह लाख छात्र और दस लाख अभिभावकों सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। कोरोनाकाल में लोगों का रोजगार छीन गया और आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा। प्रदेश सरकार को आम जनता को राहत देनी चाहिए थी लेकिन इससे विपरीत प्रदेश सरकार निजी स्कूलों और कारपोरेट घरानों के साथ खड़ी हो गई है। अभिभावकों को धमकाया जा रहा है कि पूरी फीस जमा न की गई तो छात्रों को न केवल संस्थानों से बाहर कर दिया जाएगा, परीक्षाओं में नहीं बैठने दिया जाएगा। प्रदेश सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है, बढ़ाकर वसूली ट्यूशन फीस से सभी निजी स्कूलों ने कमाई की है।