शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के वाणिज्य विभाग में पीएच.डी. शोध-पर्यवेक्षकों की बैठक हुई। बैठक का विषय शोध में गुणवत्ता एवं मौलिकता की संस्कृति का निर्माण रहा। विभागाध्यक्ष प्रो. कुलभूषण चंदेल ने शोधार्थियों में स्वतंत्र चिंतन, शोध में नैतिकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने शोध विषय, शोध-अंतर और शोध-पद्धति के चयन में मार्गदर्शन को जरूरी बताया। मुख्य वक्ता प्रो. तेजिंदर शर्मा ने शोध में एआई के उपयोग पर चर्चा की। उन्होंने एआई को सहायक साधन बताते हुए प्राप्त सूचनाओं के सत्यापन पर जोर दिया। बैठक में अकादमिक ईमानदारी और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को गुणवत्तापूर्ण शोध की आधारशिला बताया गया। संवाद