शिमला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-एक शिमला प्रतिभा नेगी की अदालत ने श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (एसआरटीएफसी) बनाम मोहन लाल मामले में आरोपी को चेक बाउंस के मामले में दोषी करार दिया है। मंडी निवासी आरोपी मोहन लाल ने वाहन की खरीद के लिए कंपनी से 7.50 लाख रुपये का ऋण लिया था। बकाया राशि और अन्य शुल्कों के भुगतान के एवज में उसने 15.70 लाख रुपये का चेक दिया था जो खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण बैंक से बाउंस हो गया था। अदालत ने मोहन लाल को धारा 138 के तहत दोषी करार दिया है। सजा 25 अगस्त को सुनाई जाएगी। संवाद