शिमला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा नेगी की अदालत ने 23 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी बलदेव राज राणा को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी के इंडियन बैंक खाते में सीज की 23 लाख रुपये की राशि को अपील की अवधि समाप्त होने के बाद डी-फ्रीज करने के आदेश दिए हैं। मामला 5 मई 2016 का है, जब शिकायतकर्ता अमित कुमार ने बालूगंज (वेस्ट) थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रिलायंस जियो के साइट सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत बलदेव राज ने उसकी गाड़ी के डैशबोर्ड से चेकबुक चोरी की और चेक के जरिये उसके खाते से 23 लाख रुपये निकाल लिए। बाद में शिकायतकर्ता ने अपना बयान बदलते हुए कहा कि उसने एचडीएफसी बैंक में संयुक्त खाता खोलने के लिए 12 हजार रुपये का हस्ताक्षरित चेक आरोपी को सौंपा था जिसका उसने दुरुपयोग किया। संवाद