शिमला। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर-3 शिमला मनु प्रिंजा की अदालत ने प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम की ओर से दायर चेक बाउंस मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। निगम के अनुसार कोटखाई निवासी मुवीन ने जनरल स्टोर चलाने के लिए निगम से 5 लाख रुपये का ऋण लिया था। निगम का आरोप था कि किस्तों के भुगतान में अनियमितता के चलते आरोपी पर बकाया राशि बन गई थी जिसे चुकाने के लिए आरोपी ने 2,82,500 रुपये का चेक दिया था। निगम ने जब यह चेक बैंक में लगाया तो यह बाउंस हो गया था। निगम यह साबित करने में विफल रहा कि 15 दिन का कानूनी नोटिस आरोपी को किस तारीख पर मिला था क्योंकि डाक पावती या डिलीवरी रिपोर्ट पेश नहीं की थी। निगम यह साबित नहीं कर पाया कि चेक में दर्शाई गई देनदारी कानूनी रूप से आरोपी पर बकाया थी। संवाद