शिमला। अदालत ने 11 साल पुराने चेक बाउंस मामले में महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की शिकायत खारिज करते हुए किन्नौर निवासी आरोपी दुर्गा दास को चेक बाउंस मामले में बरी कर दिया है। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट मनु प्रिंजा की अदालत ने माना कि कंपनी यह साबित करने में पूरी तरह नाकाम रही कि चेक अपनी वैधता अवधि के दौरान बैंक में जमा कराया था या नहीं। मामले के अनुसार दुर्गा दास ने सितंबर 2011 में गाड़ी के लिए 1,73,000 रुपये का लोन लिया था। बकाया किस्तों के एवज में 16 अगस्त 2014 को 1,77,836 रुपये का चेक जारी किया जो पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण बाउंस हो गया था। इसके बाद कंपनी ने 2015 में अदालत का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि 16 अगस्त 2014 का चेक था और उस समय चेक की वैधता तीन महीने थी। बैंक रिटर्न मेमो नवंबर 2014 का था, लेकिन कंपनी ने ऐसा कोई भी डिपॉजिट स्लिप या बैंक दस्तावेज पेश नहीं किया। संवाद