शिमला। हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम द्वारा दायर 1,30,000 रुपये के चेक बाउंस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट मनु प्रिंजा की अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि निगम ने ऋण के समय सिक्योरिटी के रूप में लिया खाली चेक खुद भरकर प्रस्तुत किया था और अदालत में ऋण से जुड़े वित्तीय दस्तावेज पेश करने में नाकाम रहा। निगम ने सिरमौर निवासी भानु प्रताप के खिलाफ धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। निगम का दावा था कि आरोपी ने 5 लाख रुपये के ऋण की देनदारी के एवज में 1,30,000 रुपये का चेक जारी किया था जो बैंक में हस्ताक्षर भिन्न होने के कारण बाउंस हो गया था। संवाद