शिमला। सत्र न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी की अदालत ने कोटखाई निवासी जावेद की अपील को स्वीकार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के 16 जुलाई के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें आरोपी को दोषी ठहराया था। इस मामले में समय से पूर्व शिकायत दर्ज करवाई थी जिसका लाभ अपीलकर्ता को मिला। शिकायतकर्ता हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के अनुसार कोटखाई निवासी आरोपी जावेद ने जनरल स्टोर खोलने के लिए निगम से 5 लाख रुपये का ऋण लिया था। मासिक किस्तें न चुकाने पर आरोपी ने एक चेक पंजाब नेशनल बैंक शाखा कोटखाई का जारी किया लेकिन वह बाउंस हो गया था। सत्र अदालत ने कहा कि चेक बाउंस के मामले में 15 दिन की वैधानिक अवधि समाप्त होने से पहले दायर की शिकायत कानून की नजर में कोई शिकायत नहीं मानी जा सकती और न ही उस पर संज्ञान लिया जा सकता। संवाद