शिमला। समरहिल क्षेत्र में जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर 14 साल से चल रहे दीवानी मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। सिविल जज कोर्ट नंबर 5 शिमला सुस्मिता शर्मा की अदालत ने वादी शीला देवी की ओर से दायर मामले को साक्ष्यों के अभाव और आधिकारिक निशानदेही रिपोर्ट के आधार पर खारिज कर दिया है। मामले के अनुसार वादी ने वर्ष 2012 में गंगा राम, मस्त राम और पवन कुमार जोशी के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया था। वादी का आरोप था कि सांगटी में स्थित उनकी मलकियत वाली जमीन पर प्रतिवादियों ने बिना किसी अधिकार के गड्ढे खोदे और पिलर खड़े कर अवैध निर्माण शुरू कर दिया। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई थी कि प्रतिवादियों को उनकी जमीन पर हस्तक्षेप करने से रोका जाए। संवाद