युग की मां की आंखों से छलक पड़े आंसू
शिमला। चार साल के लाडले के हत्यारों को अदालत से सजा का एलान होने की आस में अदालत परिसर पहुंचीं युग की मां पिंकी और दादी चंद्रलेखा की आंखों से बरबस ही आंसुओं की धार बह गई। पिता के चेहरे पर भी मायूसी साफ झलक रही थी। परिजनों को पूरा भरोसा था कि बुधवार को पैसों के लालच में उनके बच्चे की निर्मम हत्या करने वाले तीनों दरिंदों को अदालत से किए की सजा दी जाएगी। वे चाह कर भी अपने मुंह से कुछ भी नहीं कह पा रहे थे। चूंकि उन्हें न्यायिक व्यवस्था पर अटूट विश्वास है कि उन्हें वहां से जरूर न्याय मिलेगा। अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो जाने, तीनों को दोषी करार दे दिए जाने और सजा पर बहस तक की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद अब फैसले की घड़ी आना ही शेष रह गया है।