अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सूबे के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में लोगों को धूल के गुब्बार से परेशान नहीं होना पड़ेगा। आईजीएमसी के पुराने भवन जाने वाली सड़क पर पड़े मिट्टी और पत्थरों के ढेर को निगम ने उठा दिया है। शुक्रवार को निगम के रोबोट ने आईजीएमसी के पुराने भवन को जाने वाली सड़क पर पड़ी मिट्टी और पत्थरों के ढेर को हटा दिया है। यह जानकारी नगर निगम के अधिशासी अभियंता सुधीर गुप्ता ने दी है। उन्होंने बताया कि मरीजों को परेशानी न आए, इसलिए प्राथमिकता पर यह कार्य किया गया है। आईजीएमसी के लिए जाने वाली सड़क पर लोगों की पैदल आवाजाही को सुरक्षित करने के लिए फुटपाथ का निर्माण कार्य इन दिनों चला हुआ है। फुटपाथ बनाने के लिए सड़क किनारे गड्ढे खोद कर लोहे के एंगल बिछा कर कार्य शुरू कर दिया गया है। लेकिन, दूसरी ओर इन गड्ढों से निकले पत्थर और मिट्टी को दूसरी ओर अस्पताल जाने वाली सड़क पर फेंक दिया गया था। अमर उजाला के 24 नवंबर के अंक में आईजीएमसी में फुटपाथ निर्माण ने राह की मुश्किल खबर को प्रकाशित किया था। इसके बाद दूसरे दिन निगम ने मौके पर रोबोट मशीन भेजकर सड़क पर गिरे मलबे को हटाया। इससे अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर स्थित रेडियोलॉजी विभाग और मेडिसन वार्ड में आवाजाही करने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। यहां काम के दौरान लगातार गिरते पत्थर और मिट्टी के कारण हादसे का खतरा भी लगभग टल गया है।