शिमला। शिमला शहर को स्मार्ट और सही मायने में सुरक्षित बनाने के लिए वीरवार को होटल होली डे होम में कार्यशाला का आयोजन किया गया। शुभारंभ नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट ने किया। बिल्डिंग एफिशिएंसी एक्सलरेटर (बीईए) नाम से आयोजित इस कार्यशाला में शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए होने वाले निर्माण में पर्यावरण, भौगोलिक परिस्थितियों और यहां प्राकृतिक सुंदरता को देखते हुए सुरक्षित निर्माण किए जाने के तरीकों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए। इसके साथ ही कई तकनीकी पहलुओं पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि शिमला जैसे पहाड़ी क्षेत्र और ऐतिहासिक शहर को स्मार्ट सिटी बनाया जाना एक चुनौती है। इसके लिए एक मजबूत रोड मैप और प्रोजेक्ट तैयार करना जरूरी है। इसमें हर कदम पर तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग और उनकी देखरेख की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं में इन्हीं सब पहलुओं को समझने का मौका मिलता है। इस प्रोजेक्ट में शामिल हर विभाग लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से ही कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला में निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग संदीप कुमार (आईएएस) ने वर्कशॉप के उद्देश्य की जानकारी दी। आईसीएलईआई साउथ एशिया संस्था के सदस्य आशीष वर्मा ने भी इस दौरान जानकारी दी। दूसरे तकनीकी सत्र में वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (डब्लूआरआई) के सदस्य सुमेधा मालविया, आईसीएलईआई साउथ एशिया के बंशि पटेल, जामिया मालिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर आर्किटेक्चर विभाग हिना जिया, आईबीपीएसए इंडिया संस्था के स्मेह आदिल और इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के पुनीत अग्रवाल ने जानकारी दी।