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छात्रों को जबरन उठाने पर एचपीयू में शिक्षा बंद

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे डीआईएस के छात्रों को जबरन उठाने से आम छात्र भी भड़क गए हैं। शनिवार को अनशन पर बैठे छात्रों के समर्थन में उतर कर विवि कैंपस में पूर्ण शिक्षा बंद रखा। पुस्तकालय और लाइब्रेरी से उठकर छात्र प्रदर्शन में शरीक हुए। पुस्तकालय के बाहर किए गए प्रदर्शन में अनशन पर बैठे विक्रम और दिनेश के साथ डीआईएस के सभी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्र नेता रोनी भलूनी, नोबल ठाकुर, डीआईएस संघर्ष मोर्चा की सचिव अर्पणा ने कहा कि विवि प्रशासन डीआईएस छात्रों के आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है। ये छात्र मूलभूत सुविधाओं और फैकल्टी की अधिसूचना जारी करने की मांग कर रहे हैं। इसमें विवि प्रशासन पुलिस को माध्यम बना रहा है। उन्होंने कहा कि देर शाम आमरण अनशन पर बैठे दो छात्रों को जबरन उठाना, उन्हें अस्पताल में लावारिस छोड़ना साबित करता है कि विवि प्रशासन की मंशा आंदोलन को समाप्त करने की थी। उन अनशनकारियों को उठाए जाने के बाद ही दिनेश और विक्रम आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। अर्पणा और नोबल ने कहा कि डीआईएस के छात्र हजारों की फीस देते हैं, सेल्फ फाइनांसिंग कोर्स होने के बावजूद आज तक स्थायी फैकल्टी, क्लास रूम, लैब जैसी सुविधाओं के लिए उन्हें तरसना पड़ रहा है। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच चले इस आंदोलन के दौरान छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेताया कि जब तक उनकी सारी मांगें नहीं मानी जातीं, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के बाद विवि परिसर में हर विभाग में कक्षाएं बंद रहीं। छात्रों ने प्रदर्शन में कहा कि यदि फैसला नहीं आता तो सोमवार को भी शिक्षा बंद रखा जा सकता है।
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