शिमला। प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यू शिमला क्षेत्र में भवनों के अवैध निर्माण और उनके अनाधिकृत इस्तेमाल से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन करने के आदेश पारित किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने कमेटी को तीन महीने के भीतर याचिका से जुड़े सभी पहलुओं पर अपना निर्णय देने के आदेश दिए। इस कमेटी में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के प्रधान सचिव सहित रेजीडेंट वेलफेयर सोसायटी के कम से कम दो सदस्य रखने के आदेश भी पारित किए हैं। यह कमेटी निर्णय लेने से पहले सभी प्रभावितों को अपना पक्ष रखने का मौका भी देगी। कमेटी यह भी सुनिश्चित करेगी कि कानून के प्रावधानों की अक्षरश: अनुपालना हो। नगर निगम ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में जो भी निर्माण होगा, वह पूर्णतया कानून के अनुसार होगा। इसी मामले में कोर्ट ने न्यू शिमला में अवैध निर्माणों और गैरकानूनी रूप से भवनों के व्यवसायिक इस्तेमाल करने वाले भवनों का पानी और बिजली कनेक्शन काटने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने हिमुडा को कहा था कि न्यू शिमला क्षेत्र में निर्माण कार्य पूर्णतया नगर निगम की ओर से स्वीकृत नक्शों के अनुरूप ही किया जाए।