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शहर में ठप हो सकती है सफाई व्यवस्था

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला।
शहर में सफाई व्यवस्था एक बार फिर ठप हो सकती है। वेतन संबंधी मामले पर सहमति न बनने से सैकड़ों सफाई कर्मियों ने एक सितंबर से सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी कर ली है। कर्मचारी यूनियन ने इस बारे में नगर निगम प्रशासन को चेतावनी भी दे दी है। सैहब सोसायटी कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मेयर कुसुम सदरेट से मिला। इस दौरान सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने मेयर को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। साथ ही मांग की कि उनकी वेतन संबंधी मांग को पूरा किया जाए। मेयर ने कहा कि न्यूनतम दस फीसदी वेतन वृद्धि की जाएगी। सितंबर में कर्मियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। मेयर ने बताया कि एजीएम नहीं हो पाई है जिसके चलते वेतन संबंधी मांग पर कोई फैसला अभी नहीं लिया जा सका है। लेकिन निगम प्रशासन अपने फंड से न्यूनतम वेतन बढ़ाने का वायदा जरूर पूरा करेगा। इस पर यूनियन ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि दस फीसदी की बढ़ोतरी बहुत कम है। इससे कर्मचारियाें को कोई फायदा नहीं होगा। उन्हें न्यूनतम साढ़े दस हजार वेतन चाहिए। पूरे देश में अब यही न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। इस समय सैहब कर्मियों को करीब 7700 रुपये वेतन दिया जा रहा है। यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी वेतन संबंधी मांग को पूरा नहीं किया गया तो सैहब कर्मी एक सितंबर से सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। कहा कि 29 अगस्त को यूनियन का जरनल हाउस भी होने जा रहा है। इसमें आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
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