शिमला। विशेष जज (वन) शिमला वीरेंद्र सिंह की अदालत ने चरस रखने के मामले का आरोप साबित होने पर दोषी को दस साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जिला न्यायवादी वन आत्मा राम ने बताया कि जुर्माना न दिए जाने की सूरत में दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी 2016 को गुम्मा कोटखाई के पास पुलिस टीम ने दोषी को एक कैरी बैग के साथ पकड़ा। उसकी तलाशी लेने पर बैग से पुलिस को दो किलो चरस बरामद हुई। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। इस मामले में जिला न्यायवादी वन आत्मा राम ने पैरवी की। आरोप साबित करने को दी गई दलीलों और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर बुद्धि राम को दोषी करार दिया गया। इस पर अदालत ने दोषी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।