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एबीवीपी ने किया चीफ वार्डन का घेराव

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रावासों में रह रहे एमफिल शोधकर्ता छात्र-छात्राओं को अपने शोध प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए छात्रावासोें में ठहरने को अतिरिक्त समय दिया जाए। इस मांग को लेकर वीरवार को एबीवीपी की विवि इकाई ने कुलपति से मुलाकात की और चीफ वार्डन का घेराव भी किया। इकाई के सचिव विश्वबंधु और सुयश पवार तथा अन्य नेताओं की अगुवाई में कुलपति कार्यालय पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि बहुत से एमफिल शोध छात्र ऐसे हैं, जिनका एमफिल का शोध अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों को छात्रावास की सुविधा देने में नाकाम रहता है। देरी से छात्रावास मिलते हैं। छात्रों से एक साल की फीस वसूली जाती है, मगर उन्हें छह माह बाद ही 31 अक्तूबर को छात्रावास खाली करने के फरमान जारी कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि एचपीयू ने ईसी में नए नियम में छात्रावास अक्तूबर से अक्तूबर तक आवंटित किए जाने का फैसला लिया है, लेकिन एमफिल केछात्रों में फरवरी, मार्च तक आवंटन किया गया। जबकि फीस पूरे साल की ली गई है। देरी से छात्रावास आवंटन किए जाने के कारण छात्र अपना शोध कार्य पूरा नहीं कर पाए हैं, अब उन्हें 31 अक्तूबर तक छात्रावास खाली करने को कहा जा रहा है। जिन छात्रों के शोध पूरे नहीं हुए हैं, उन्हें यदि छात्रावासों में नहीं रहने दिया गया तो उन्हें बाहर निजी तौर पर किराए पर मकान लेकर रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो छात्र अपने शोध कार्य को पूरा करने को अतिरिक्त समय मांग रहे हैं, उन्हें इसकी अनुमति दी जाए। किसी भी सूरत में छात्रों को परेशान न किया जाए। यदि ऐसा किया गया तो एबीवीपी इन छात्रों के हक के लिए आंदोलन करेगी। इकाई के प्रेस सचिव अश्वनी ठाकुर ने कहा कि चीफ वार्डन का घेराव करने पर उन्हें भरोसा दिया गया कि ऐसे छात्रों की हर संभव मदद की जाएगी।
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