शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुरूप किए जाने के आग्रह को लेकर दायर याचिका में प्रदेश उच्च न्यायालय ने विवि के कुलसचिव को रिकॉर्ड सहित तलब किया है। कुलसचिव को इससे संबंधित पूरे रिकॉर्ड के साथ 11 सितंबर को न्यायालय में हाजिर होने के आदेश जारी किए है। प्रार्थी धर्मपाल सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त दस्तावेजों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। इन दस्तावेजों में कंप्यूटर साइंस विभाग की 4 अगस्त 2017 को हुई कार्यवाही का उल्लेख किया गया है। इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि कुलपति ने विक्रांत सिंह भारद्वाज, रीनू भाटिया, रंजन, साक्षी शर्मा व सतीश कुमार को नियुक्ति देने के बारे में स्वीकृति प्रदान नहीं की थी। इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट नहीं होता है कि किस आधार पर बाद में इन लोगों को नियुक्तियां प्रदान करनी पड़ीं। न्यायालय ने इससे संबंधित रिकॉर्ड अगली तारीख के लिए तलब किया है। न्यायालय ने आदेश जारी किए हैं कि अगली तारीख को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार रिकॉर्ड सहित न्यायालय के समक्ष हाजिर होंगे। इसके अलावा उन्हें गेस्ट फैकल्टी में रिक्त शिक्षकों के पदों को भरने के लिए जो कदम उठाए हैं, इस बाबत भी जानकारी न्यायालय को देनी होगी। मामले पर सुनवाई 11 सितंबर को निर्धारित की गई है।