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Himachal Rains: 10,000 और सैलानी निकाले, ब्यास में लापता लोगों की तलाश में छेड़ा सर्च अभियान, दो शव बरामद

Fri, 14 Jul 2023 08:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो/संवाद, शिमला/कुल्लू

सार

 एक सप्ताह बाद भी तीन नेशनल हाईवे पांवटा-शिलाई, कुल्लू-मनाली, मनाली-लेह के अलावा प्रदेश में 868 सड़कें, 1,468 बिजली के ट्रांसफार्मर और 872 पानी की परियोजनाएं ठप हैं। 
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ब्यास में बाढ़ से हुई तबाही। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारी बारिश से कुल्लू-मनाली और मंडी में मची तबाही के एक सप्ताह बाद अब ब्यास नदी में बहे लापता लोगों और वाहनों की तलाश में शुक्रवार को पुलिस ने सर्च अभियान शुरू किया। मनाली से मंडी तक ब्यास का चप्पा-चप्पा छाना जाएगा। अभी भी दर्जनों लोग लापता बताए जा रहे हैं। उधर, जोगिंद्रनगर के रहने वाले दो युवकों के शव पतलीकूहल में बरामद हुए हैं, जबकि एक युवक लापता है। तीनों बीते दिनों कुल्लू में बादल फटने से आई बाढ़ में बह गए थे। तीनों टैक्सी चालक हैं। जोगिंद्रनगर के नागण गांव निवासी लवकेश ठाकुर और सुंदर निवासी चंडोझ के शव बरामद किए हैं। तीसरे युवक नरेंद्र की तलाश जारी है। वहीं, मंडी में मिला शव पीआरटीसी के चालक का होने की पुष्टि हुई है। कुल्लू जिले में फंसे 10,000 और सैलानियों को सुरक्षित निकालकर उनके घर भेज दिया है।

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अभी भी फंसे हैं कई पर्यटक 
मनाली, मणिकर्ण, सैंज और बंजार में अभी भी कई पर्यटक फंसे हैं। कुल्लू के राउली नाले में बादल फटने के छह दिन बाद मौसम साफ होने के बाद पता चला कि इसमें सात परिवार बेघर हो गए हैं, जो दूसरों के यहां शरण लिए हुए हैं। उधर, सोलन शहर के साथ लगते शिल्ली में शुक्रवार को दोमंजिला भवन ढह गया। एक सप्ताह बाद भी तीन नेशनल हाईवे पांवटा-शिलाई, कुल्लू-मनाली, मनाली-लेह के अलावा प्रदेश में 868 सड़कें, 1,468 बिजली के ट्रांसफार्मर और 872 पानी की परियोजनाएं ठप हैं। किन्नौर जिले के सापनी संपर्क मार्ग पर भूस्खलन से यह मार्ग बंद हो गया। उधर, मौसम विज्ञान विभाग शिमला ने प्रदेश में 15 से 18 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंडी और कुल्लू के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और केंद्र सरकार से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

मनाली से कुल्लू-औट तक वैकल्पिक मार्गों से बस सेवा शुरू
हिमाचल पथ परिवहन निगम और निजी बस ऑपरेटरों ने मनाली से कुल्लू और मंडी के औट तक शुक्रवार को वैकल्पिक मार्गों से बसों का संचालन शुरू कर दिया है। इसके चलते यात्रियों ने राहत की सांस ली है। मनाली से नग्गर और फिर अरछंडी तक बसें यात्रियों को पहुंचा रही हैं। वहां से पैदल पुल पार कर रायसन, कुल्लू और मंडी औट पहुंच रहे हैं। कुल्लू, भुंतर, मनाली, लाहौल में दूरसंचार सेवाएं बहाल हो गई हैं, जबकि मणिकर्ण, सैंज, बंजार तथा लगवैली में सेवाएं ठप हैं। बजौरा से लेकर मनाली तक बिजली सप्लाई चालू हो गई है। मनाली में पेयजल आपूर्ति भी शुरू हो गई है।
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न दूध-ब्रेड मिल रहा, न पेट्रोल-डीजल
कुल्लू से मनाली और मनाली-लेह हाईवे अभी नहीं खुला है। ऐसे में कुल्लू के साथ लाहौल तक पेट्रोल-डीजल का संकट है। लाहौल और कुल्लू के कई पेट्रोल पंपों में पेट्रोल-डीजल देना कर बंद कर दिया है। हाईवे बहाल न होने से अभी भी दूध, ब्रेड व अन्य खाद्य वस्तुओं की सप्लाई नहीं हो पा रही है।

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पटरी पर नहीं लौट रही परिवहन व्यवस्था, 944 बस रूट प्रभावित
हिमाचल के बाढ़ प्रभावित जिलों में एक हफ्ते बाद भी परिवहन व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। सड़कें बंद होने से एचआरटीसी के 944 रूट प्रभावित हैं, जबकि 260 बसें अभी भी जगह-जगह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसी हैं। उधर, दिल्ली बस अड्डे में पानी भरने से हिमाचल पथ परिवहन की बसें संधू बॉर्डर तक ही भेजी गईं। दिल्ली के लिए हिमाचल से करीब 200 रूट हैं। घाटे में चल रहा परिवहन निगम बाढ़ की त्रासदी से 11 करोड़ के और घाटे में चला गया है। परिवहन निगम का कहना है कि जिला शिमला, मंडी और कुल्लू में परिवहन निगम की बसें फंसी हैं। मूसलाधार बारिश से बसों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। बस अड्डों को नुकसान पहुंचा है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि जैसे-जैसे सड़कें बहाल हो रही हैं। उन रूटों पर बसों को चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के रूट ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
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