शहर में किस पद्धति पर प्रॉपर्टी और हाउस टैक्स की वसूली की जाए, इसका फैसला सोमवार को नगर निगम के स्पेशल हाउस में होगा। टैक्स के मुद्दे पर पार्षद महापौर और उप महापौर के साथ चर्चा करेंगे। जनवरी में हुई मासिक बैठक में यूनिट एरिया मेथड और पुरानी टैक्स पद्धति के बीच का रास्ता निकालने और नई प्रणाली को सरल बनाने के लिए पार्षदों की कमेटी गठित की गई थी।
बीते बुधवार को कमेटी की पहली बैठक आयोजित की गई। सोमवार को होने वाले निगम के स्पेशल हाउस में कमेटी की सिफारिशों पर विचार विमर्श किया जाएगा। नैनीताल के टैक्स पैट्रन को स्टडी कर शिमला में टैक्स वसूली का मेथड अपनाने को लेकर भी बैठक में चर्चा की जाएगी।
2012-13 में नगर निगम प्रॉपर्टी और हाउस टैक्स की वसूली नहीं कर सका। सरकार ने फरवरी 2012 से शहर में यूनिट एरिया मेथड लगाया है, जिसे निगम नामंजूर कर चुका है। ऐसे में निगम करीब 15 करोड़ टैक्स की राशि वसूल नहीं कर सका है। सरकारी भवनों से करीब चार करोड़ सालाना टैक्स लिया जाता है। 2012-13 में हाउस टैक्स और प्रॉपर्टी टैक्स नहीं वसूले जाने के कारण निगम की आर्थिक हालत खराब हो गई है।
क्या है यूनिट एरिया मेथड
यूनिट एरिया मेथड के तहत शहर को विभिन्न जोन में बांटा जाएगा। क्षेत्र, मकान की हालत, मकान का उपयोग सहित कुछ अन्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कैटेगिरी बनाई जाएंगी। इसके आधार पर शहर में हाउस और प्रॉपर्टी टैक्स की राशि तय की जाएगी। वर्तमान में पूरे शहर में रेंट आधार पर टैक्स की वसूली की जा रही है।
मांग चुके हैं पुरानी पद्धति पर वसूली का अधिकार
नगर निगम प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से पुरानी टैक्स पद्धति पर कर वसूली का अधिकार मांगा है। इसके लिए निगम के प्रतिनिधियों ने महापौर संजय चौहान की अगुवाई में मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। निगम की आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए 2012-13 में टैक्स वसूल नहीं कर पाने के चलते पेश आ रही परेशानियों से भी मुख्यमंत्री को अवगत करवा चुके हैं।
कमेटी की सिफारिशों हाउस में चर्चा: महापौर
महापौर संजय चौहान ने बताया कि शहर में टैक्स वसूली को लेकर कौन सी पद्धति अपनाई जाए, इसे लेकर स्पेशल हाउस बुलाया गया है। टैक्स वसूली की पद्धति तय करने के लिए उपमहापौर की अध्यक्षता में गठित कमेटी की सिफारिशों पर हाउस में चर्चा की जाएगी।