शिमला। खंड विकास अधिकारी संघ हिमाचल प्रदेश ने कहा कि तहसीलदार संघ की तरफ से अपनाई जा रही दबाव की रणनीति और दुष्प्रचार की निंदा की जाती है। संघ ने कहा कि वर्तमान में तहसीलदार संघ की कोटा बढ़ाने की मांग अनुचित है, क्योंकि तहसीलदार संवर्ग को हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाओं में पदोन्नति के लिए प्रदान किया गया कोटा उनकी संख्या के अनुपात में अभी भी ज्यादा है। तहसीलदार हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाओं में छह से सात साल के भीतर ही पदोन्नत हो रहे हैं। आगे भी होते रहेंगे। दूसरी ओर इसके विपरीत खंड विकास अधिकारियों को पदोन्नति के लिए 15 से 17 साल लग रहे हैं।
खंड विकास अधिकारी संघ की तरफ से प्रदेश महासचिव कुलबीर सिंह राणा ने जारी बयान में सरकार से मांग की कि पदोन्नति के अवसरों में समानता लाई जाए। सरकार ने खंड विकास अधिकारियों की मांग को जायज ठहराते हुए अलग से 17 प्रतिशत कोटा प्रदान किया है। इसका संघ स्वागत करता है, परंतु साथ में सरकार के ध्यान में लाना चाहता है कि मौजूदा कोटे में अभी भी खंड विकास अधिकारियों और तहसीलदारों के बीच में समानता का अभाव है। इस पर उचित ध्यान दिया जाना जरूरी है। दबाव की रणनीति ब्लैक मेलिंग की तरह है। सरकार ने सारे पक्षों को ध्यान में रखकर ही मौजूदा कोटा तय किया है। सरकार के निर्णय को सभी को स्वीकार करना चाहिए।