शिमला। हिमाचल सरकार ने शुक्रवार को 10 सदस्यीय राज्य स्वास्थ्य आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। खास बात यह है कि आयोग के गठन की प्रक्रिया में प्रदेश की घोर उपेक्षा की गई है। केंद्र सरकार से सेवानिवृत्त हो चुके आईएएस डा. एमके भान को चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा नौ अन्य सदस्यों को शामिल किया गया है।
इस सिलसिले में अमर उजाला ने 28 अगस्त के अंक में ही विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित कर दी थी। प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक आयोग के गठन का मुख्य मकसद प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना है। हालांकि, प्रदेश से बाहर के विशेषज्ञ किस तरह से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में कारगर साबित होंगे। यह तो आने वाला समय बताएगा, लेकिन इतना अवश्य है कि प्रदेश के स्वास्थ्य सेक्टर में कार्य करने वाले डाक्टर खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
ये होंगे आयोग के चेयरमैन और सदस्य
डा. एमके भान चेयरमैन, डा. विनोद पाल बाल रोग विशेषज्ञ एम्स को-चेयरमैन, डा. एसके शर्मा पूर्व निदेशक पीजीआई चंडीगढ़, डा. रनदीप गुलेरिया एम्स नई दिल्ली, डा. राजेश कुमार स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई चंडीगढ़, डा. राज बहादुर पीजीआई चंडीगढ़, डा. टीएस महंत (कार्डिओ) फोर्टिस मोहाली, नचिकेत मोर सदस्य आरबीआई बोर्ड, डीके शर्मा पूर्व सलाहकार योजना आयोग हिमाचल और डा. तारा गुप्ता प्रोफेसर स्त्री रोग विशेषज्ञ आईजीएमसी को सदस्य बनाया गया है।