शिमला। हिमाचल सरकार ने जिला परिषदों और पंचायत समितियों को बजट खर्च पर राहत दी है। राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है कि लंबित योजनाओें पर बजट खर्चने की नई गाइडलाइंस लागू नहीं होंगी। इन योजनाओं पर बजट पहले की तरह पुरानी गाइडलाइंस पर ही खर्च किया जा सकेगा। जिस बजट मेें कटौती की गई है, उसे भी जिला परिषदों के माध्यम से ही मनरेगा कनवर्जेंस में डालकर खर्च किया जाएगा।
राज्य सरकार ने जिला परिषदों और पंचायत समितियों को सीधे तौर पर दिए जाने वाले बजट में 20-20 फीसदी की कटौती की है। हालांकि, अब यह भी साफ कर दिया गया है कि इस काटे गए बजट को भी जिला परिषदों और पंचायत समितियों के माध्यम से ही खर्च किया जाएगा। यह पैसा जिला परिषदों और पंचायत समितियों की संस्तुति से ही मनरेगा कनवर्जेंस में डालकर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा अगर कोई काम पुरानी गाइडलाइंस पर पहले से ही चल रहा है और उसकी बाकी किस्तें दिए जाने को हैं तो उसमें नई गाइडलाइंस की कोई बाधा नहीं होगी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा है कि जिला परिषदों और पंचायत समितियों को सीधे तौर पर दिए जाने वाले बजट में ही 20-20 फीसदी की कमी लाई गई है। बजट तो अभी भी दोनों ही एजेंसियों को पूर्ववत मिलेगा। अब यह 20-20 प्रतिशत मनरेगा कनवर्जेंस के माध्यम से भी जिला परिषदों और पंचायत समितियों की संस्तुति पर खर्च होगा। पुराने चल रहे कार्यों मेें इसे पुरानी गाइडलाइंस पर ही दिया जाएगा।