शिमला। छात्र संघ चुनाव में लिंगदोह कमेटी की सिफारिश ने पेंच डाल दिया है। सभी कक्षाओं के परिणाम घोषित किए बगैर एससीए चुनाव संभव नहीं। एचपीयू इस शर्त को नजरअंदाज नहीं कर सकता, बावजूद चुनाव होते भी हैं तो हजारों छात्र इसके लिए पात्र हीं नहीं होंगे। विश्वविद्यालय और कॉलेजों में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों पर ही चुनाव होते हैं।
इसमें साफ है कि चुनाव लड़ने वाला छात्र पिछली परीक्षा में पास होना चाहिए और रि-अपीयर भी नहीं होना चाहिए। ऐसे में साफ है कि विश्वविद्यालय को चुनाव की तिथि तय करने से पूर्व सभी परीक्षा परिणाम घोषित करने होंगे। रूसा में प्रथम सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र चुनाव के लिए पात्र होंगे। इसके अलावा तीसरे सत्र और फाइनल ईयर के छात्रों में सिर्फ बीकॉम के छात्र ही इन चुनाव के लिए पात्र होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार चुनाव प्रत्यक्ष करवाए या अप्रत्यक्ष दोनों ही सूरत में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें लागू होंगी। पिछले परीक्षा परिणाम को इसमें देखा ही जाना है कि छात्र की री- अपीयर न हो, और वह फेल न हो। रूसा में दो सत्र के परीक्षा परिणाम घोषित किए बिना ही छात्र तीसरे सत्र में प्रवेश लेकर पढ़ाई कर रहे हैं और तीनों संकाय में रोल ऑन आधार पर छात्रों को फाइनल में प्रवेश दिया गया है।
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ये है लिंगदोह कमेटी की सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर बनी लिंगदोह कमेटी ने एससीए चुनाव के लिए साफ शर्त रखी है कि चुनाव लड़ने वाले छात्र की पिछली कक्षा में रि- अपीयर नहीं होनी चाहिए और वह फेल भी नहीं होना चाहिए। ऐसे में विश्वविद्यालय इस शर्त को भी नजरअंदाज नहीं कर पाएगा।
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घोषित नहीं हुए हैं यह परिणाम
कॉलेजों में वर्तमान में रूसा के प्रथम सत्र, तृतीय सत्र और पुराने पैट्रर्न में तीनों संकाय की फाइनल ईयर की कक्षाएं है। इन्हीं में से एससीए चुनाव के लिए उम्मीदवार दिए जाने है। इनमें सिर्फ प्रथम सत्र और फाइनल के बीकॉम के छात्र ही चुनाव के लिए पात्र होंगे। प्रथम, द्वितीय सत्र, बीसीए, बीए, बीएससी द्वितीय वर्ष के परिणाम घोषित नहीं हुए है।